Mradubhashi | Shajapur News: मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में अवैध संबंधों का विरोध करने पर पति की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रधान सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पत्नी, उसके प्रेमी और प्रेमी के सहयोगी को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। करीब डेढ़ साल पुराने इस मामले में घटनास्थल पर मिला कटा हुआ अंगूठा और उसकी डीएनए जांच रिपोर्ट अभियोजन पक्ष के लिए अहम सबूत साबित हुए। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की साजिश का पर्दाफाश किया और अदालत में अपराध साबित किया।
अवैध संबंधों का विरोध करने पर रची हत्या की साजिश
मामला शाजापुर जिले का है। अभियोजन के अनुसार, ममता मालवीय के राहुल मालवीय के साथ अवैध संबंध थे। जब ममता के पति मुकेश को इसकी जानकारी मिली, तो उसने इसका विरोध किया। इसी विवाद के चलते ममता ने राहुल के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि राहुल ने इस योजना में अपने दोस्त सुनील को भी शामिल कर लिया।
अभियोजन के मुताबिक, 12 फरवरी 2025 की रात आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। उस समय मुकेश अपने घर में सो रहा था। आरोप है कि इसी दौरान तीनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
आधी रात को घर में घुसकर किया हमला
मामले में सामने आए अभियोजन के विवरण के अनुसार, रात करीब एक बजे ममता ने फोन कर राहुल और सुनील को घर बुलाया। आरोप है कि ममता अपने पति को काबू में रखने के लिए उसके सीने पर बैठ गई, जबकि सुनील ने उसका मुंह दबा दिया। इसी दौरान राहुल ने धारदार चाकू से मुकेश के गले पर वार कर दिया।
हमले के दौरान मुकेश ने खुद को बचाने के लिए संघर्ष किया। इसी हाथापाई में राहुल के हाथ का अंगूठा कटकर घटनास्थल पर गिर गया। वारदात के बाद राहुल और सुनील वहां से फरार हो गए।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश, कॉल डिटेल से मिला सुराग
हत्या के बाद ममता ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके पति की हत्या कर दी है। हालांकि, जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ मोबाइल फोन की कॉल डिटेल की भी पड़ताल की।
कॉल रिकॉर्ड और अन्य जांच के आधार पर पुलिस को राहुल की भूमिका पर संदेह हुआ। इसके बाद जब राहुल को पकड़ा गया, तो उसका अंगूठा कटा हुआ पाया गया। घटनास्थल पर मिले अंगूठे और राहुल के डीएनए नमूनों की जांच कराई गई।
डीएनए रिपोर्ट बनी मुकदमे का अहम सबूत
इस हत्याकांड की जांच में डीएनए परीक्षण ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटनास्थल से बरामद कटे हुए अंगूठे के नमूने का राहुल के डीएनए से मिलान हुआ। इस वैज्ञानिक साक्ष्य ने अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूती दी।
अदालत में पेश किए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य प्रमाणों के आधार पर तीनों आरोपियों की भूमिका स्थापित हुई। इसके बाद प्रधान सत्र न्यायाधीश की अदालत ने ममता मालवीय, राहुल मालवीय और सुनील को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
वैज्ञानिक साक्ष्यों से खुला हत्या का राज
शाजापुर का यह मामला दर्शाता है कि गंभीर अपराधों की जांच में घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और डीएनए परीक्षण कितने महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। पुलिस की जांच में मिला कटा हुआ अंगूठा इस मामले में अहम कड़ी बना, जिसने आरोपी तक पहुंचने में मदद की।