10 मिनट में पूरा हुआ संस्थागत निवेशकों का कोटा, क्या लिस्टिंग पर मिलेगा 25% तक का मुनाफा?
नई दिल्ली। जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) ने शेयर बाजार में दस्तक देते ही निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बुधवार को बोली शुरू होने के महज 10 मिनट के भीतर योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। इसके बाद मांग तेजी से बढ़ी और सुबह 10 बजे तक यह श्रेणी 2.86 गुना सब्सक्राइब हो गई। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या जियो प्लेटफॉर्म्स देश के सबसे बड़े आईपीओ का नया रिकॉर्ड बनाने के साथ निवेशकों की उम्मीदों पर भी खरा उतरेगा।
₹30,213 करोड़ जुटाने की तैयारी, टूटेगा हुंडई का रिकॉर्ड?
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के जरिए करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी ने इसके लिए प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला है और 23 अक्टूबर को बंद होगा।
अगर यह इश्यू तय योजना के मुताबिक पूरा होता है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। इससे पहले हुंडई मोटर इंडिया ने वर्ष 2024 में 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित इश्यू इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है।
खास बात यह है कि इस आईपीओ में ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल नहीं है। यानी प्रस्तावित इश्यू के तहत शेयरों की बिक्री के बजाय नए शेयर जारी किए जाएंगे।
10 मिनट में पूरा सब्सक्रिप्शन, संस्थागत निवेशकों का भरोसा
आईपीओ खुलते ही संस्थागत निवेशकों ने इसमें दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए आरक्षित 4,90,07,827 शेयरों के मुकाबले मांग तेजी से बढ़ी।
- पहले 10 मिनट में: क्यूआईबी श्रेणी एक गुना सब्सक्राइब।
- 30 मिनट से भी कम समय में: क्यूआईबी श्रेणी दो गुना से अधिक सब्सक्राइब।
- सुबह 10 बजे तक: क्यूआईबी श्रेणी का सब्सक्रिप्शन 2.86 गुना।
- पूरे इश्यू का सब्सक्रिप्शन: शुरुआती आंकड़ों के अनुसार 0.83 गुना।
ये आंकड़े शुरुआती कारोबारी समय के हैं। आईपीओ बंद होने तक सब्सक्रिप्शन के स्तर में बदलाव हो सकता है।
₹10.3 लाख करोड़ का मूल्यांकन, ग्रे मार्केट में भी हलचल
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का एक और आकर्षण इसका प्रस्तावित मूल्यांकन है। ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये प्रति शेयर के आधार पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये बताया गया है।
इसी बीच, अनौपचारिक ग्रे मार्केट में शेयर करीब 275 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार करने की खबर सामने आई। इस प्रीमियम के आधार पर संभावित लिस्टिंग मूल्य लगभग 1,394 रुपये प्रति शेयर बैठता है। यह ऊपरी इश्यू मूल्य से करीब 24.6 प्रतिशत अधिक है।
हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल अनौपचारिक संकेतक है। यह न तो आधिकारिक शेयर बाजार का भाव है और न ही लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी। वास्तविक लिस्टिंग मूल्य बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगा।
टेलीकॉम से आगे AI और क्लाउड पर जियो की नजर
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने कंपनी की रणनीति को केवल दूरसंचार सेवाओं तक सीमित न बताते हुए तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग पर जोर दिया है।
उनके मुताबिक, जियो का नेटवर्क भी उसकी तकनीकी क्षमता का अहम हिस्सा है। कंपनी इन-हाउस 5G कोर और क्लाउड-नेटिव रेडियो एक्सेस नेटवर्क जैसी तकनीकों पर काम कर रही है। कंपनी के लगभग 53.33 करोड़ ग्राहकों का विशाल आधार उसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है।
जियो की रणनीति अब कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर डिजिटल सेवाओं, एआई और क्लाउड समाधानों को विस्तार देने की है। इससे कंपनी को भविष्य में नए कारोबारी अवसर मिल सकते हैं।
निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल: क्या ग्राहक आधार बनेगा कमाई का नया इंजन?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की सफलता का असली आकलन केवल शुरुआती सब्सक्रिप्शन से नहीं होगा। निवेशकों के लिए यह समझना भी जरूरी है कि कंपनी अपने विशाल ग्राहक आधार को अधिक लाभ देने वाली डिजिटल सेवाओं, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और एआई कारोबार में कितनी प्रभावी ढंग से बदल पाती है।
एक तरफ कंपनी का बड़ा ग्राहक आधार, डिजिटल नेटवर्क और तकनीकी विस्तार की योजनाएं हैं, तो दूसरी तरफ करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये का मूल्यांकन भी निवेशकों से भविष्य में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद करता है।
अब नजर 23 अक्टूबर तक की बोली, अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और शेयर बाजार में संभावित लिस्टिंग पर रहेगी। शुरुआती उत्साह ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को चर्चा में ला दिया है, लेकिन निवेश का फैसला लेने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, जोखिमों और आईपीओ दस्तावेजों का अध्ययन करना जरूरी है।