नई दिल्ली। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। मंगलवार को विपक्षी सांसदों और युवा आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में मार्च निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई और कई रास्तों पर आवाजाही सीमित की गई।
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता पंजीकरण और सूची संशोधन की प्रक्रिया सत्तारूढ़ भाजपा को फायदा पहुँचाती है। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही की मांग की। चुनाव आयोग और भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण का उद्देश्य दोहरे और अपात्र पंजीकरण हटाना है।
यह विवाद अब न्यायिक स्तर पर भी पहुँच चुका है। रॉयटर्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मतदाता सूची अभियान और चुनाव आयोग की भूमिका से संबंधित कानूनी दलीलें सुनने पर सहमति दी। फिलहाल विपक्ष के आरोपों पर कोई अंतिम न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। आगामी सुनवाई और आयोग की प्रतिक्रिया इस विवाद की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण घटनाक्रम होंगे।






