मुंबई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का असर भारतीय रुपये पर भी दिखाई दे रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपया 96 के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है, जिससे करेंसी मार्केट में RBI की रणनीति पर नजरें टिक गई हैं।
सोमवार को रुपया 95.9825 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मंगलवार को इसके लगभग 95.99 से 96.02 के दायरे में खुलने का अनुमान था। बाजार विशेषज्ञों की नजर इस बात पर है कि RBI रुपये को 96 के पार जाने से रोकने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में कितना हस्तक्षेप करता है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयातित कच्चे तेल पर निर्भर है। ऐसे में तेल की कीमतों में तेजी रुपये, आयात बिल और महंगाई पर एक साथ दबाव डाल सकती है। आने वाले दिनों में वैश्विक तेल बाजार और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेत रुपये की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।






