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65 लाख की अवैध शराब पकड़ने के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

उज्जैन। चिमनगंज थाना क्षेत्र में पकड़ी गई 65 लाख की अवैध शराब के मामले में नया मोड़ आ गया है। विश्व हिंदू रक्षा संगठन ने पत्रकारवार्ता कर पुलिस की कार्रवाई को झूठा बताते हुए आरोप लगाया है और कहा की पुलिस ने शराब से भरी गाड़ी को नहीं पकड़ा बल्कि गाड़ी को विश्व हिंदू रक्षा संगठन के कार्यकर्ताओं ने पकड़ा है इस दौरान एक कार्यकर्ता को चोंट भी आई है।

विश्व हिंदू रक्षा संगठन के जिलाध्यक्ष दीपेन्द्र संगथ और पदाधिकारियों ने सिटी प्रेस क्लब पर पत्रकारवार्ता कर बताया कि सोमवार को चिमनगंज थाना पुलिस द्वारा जो 65 लाख की शराब पकड़े जाने का दावा किया जा रहा है वह शराब उन्होंने 20 किलोमीटर तक पीछा कर पकड़ी थी, इस दौरान ड्राईवर ने उनके ऊपर हमला भी किया जिसमें दीपेन्द्र के दोनों हाथ जख्मी हो गए, गाड़ी पकड़े जाने के करीब 20 मिनट बाद मौके पर पुलिस पहुंची थी तब तक ड्राईवर फरार हो चुका था और क्लीनर को हमने पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया लेकिन पुलिस ने उल्टा हमें ही लॉकअप में बंद कर दिया।

सोमवार शाम विश्व हिंदू रक्षा संगठन को सूचना मिली थी की एक आयशर वाहन में गायों को भरकर ले जाया जा रहा है जिस पर उन्होंने झालावाड़ से आ रही आयशर को घोंसला में रोका लेकिन ड्राईवर ने उन पर लोहे की रॉड से हमला कर गाड़ी को तेजी से भगा लिया, जिसमें दीपेन्द्र के दोनों हाथों में चोंट आ गई। दीपेन्द्र को चोंटील देख संगठन के कार्यकर्ताओं ने आयशर का पीछा किया और उसे आरडी गार्डी के समीप सुरासा में रोक लिया जहां से ड्राईवर फरार हो गया जबकि क्लीनर को खेतों में दौड़कर पकड़ा गया और आयशर से पल्ली हटाई गई तो उसमें बड़ी संख्या में विदेश शराब भरी हुई थी, जिसे देख ग्रामीण भी 25-50 पेटी शराब लूटकर ले गए, करीब 20 मिनिट बाद वहां चिमनगंज थाने के दो आरक्षक आए और गाड़ी एवं दीपेन्द्र को लेकर थाने पहुंचे जहां पुरी स्टोरी को बदल दिया गया और शराब सीएसपी पल्लवी शुक्ला एवं चिमनगंज थाना पुलिस द्वारा पकड़े जाना दिखा दिया।

वहीं पुलिस की कार्रवाई को एडिशनल एसपी अमरेंद्र सिंह ने सही बताते हुए विश्व हिंदू रक्षा संगठन के आरोपों को गलत ठहराया है। बहरहाल पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं और पूरा मामला जांच का विषय बन गया है।