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मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड जारी, हिमाचल में भीषण बर्फबारी से 228 सड़कें अभी भी बंद

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इंदौर। प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में इन दिनों कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। इंदौर और उसके आसपास के इलाकों में लगातार पांच रातों से न्यूनतम तापमान 9 डिग्री के आसपास बना हुआ है। बुधवार रात को यह 7.4 पर चला गया था। इस तरह से लगातार तीन दिन सीवियर कोल्ड डे रहे। ठंड का प्रकोप तापमान में मामूली सुधार के बावजूद जारी है। फिलहाल इंदौ और प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। रात का तापमान 10 डिग्री से कम है और दिन का सामान्य से 5 डिग्री कम हो तो इसको कोल्ड डे माना जाता है।

परिवहन सेवाएं हुई ठप

हिमाचल प्रदेश में 18 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने का पूवार्नुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार इस दौरान प्रदेश भर में धूप खिली रहेगी। हालांकि 16 से 18 जनवरी तक मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ भागों में बारिश-बर्फबारी हो सकती है। उधर, प्रदेश के कई इलाकों में हुई भारी बर्फबारी के नौ दिन बाद भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। जिला कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के कई बफीर्ले क्षेत्रों में लोग परिवहन सेवाओं, बिजली और पानी से महरूम हैं। जिला शिमला के संपर्क मार्ग अभी भी यातायात के लिए बाधित हैं। प्रदेश में 228 सड़कें बंद रहने से परिवहन निगम के 120 रूट प्रभावित हैं।

प्रदेश में 119 ट्रांसफार्मर ठप

एनएच 3 सरचू और एनएच 505 लोसर के पास बंद है। कुल्लू में हाइवे-305 बंद है। प्रदेश में 119 ट्रांसफार्मर ठप हैं। उपमंडल के साथ जिला मुख्यालय का संपर्क कट गया है। लोगों को मीलों तक पैदल सफर करना पड़ रहा है। लाहौल में भी मुख्य सड़कों के साथ ग्रामीण इलाकों की सड़कें बर्फबारी से अवरुद्ध चल रही हैं। जिला चंबा के बफीर्ले इलाकों में बिजली गुल है। लोक निर्माण विभाग ने रविवार तक सभी सड़कों को यातायात के लिए बहाल करने का दावा किया है। वहीं, चौपाल, रिकांगपिओ और नेरवा के लिए परिवहन निगम की बसों की आवाजाही शुरू हो गई है।

ल्हासे की चपेट में आने से मनरेगा मजदूर की मौत

वहीं, ज्वालामुखी के पुलिस थाना खुंडियां के अंतर्गत बारीकलां में बाबड़ी में काम करते समय अचानक ल्हासा गिरने से मनरेगा मजदूर की मौत हो गई। बारीकलां पंचायत में मनरेगा के तहत बाबड़ी में काम करने के दौरान मजदूर ब्रह्मदास (55) पुत्र किरू राम निवासी रामगनगर अचानक ल्हासा गिरने से इसकी चपेट में आ गया। ब्रह्मदास को उपचार के लिए खुंडियां के पनहार अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी खुंडियां प्यार सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल देहरा भेजा है।

प्रदेश में 18 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने का पूवार्नुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार इस दौरान प्रदेश भर में धूप खिली रहेगी। उधर, प्रदेश के कई इलाकों में हुई भारी बर्फबारी के 9 दिन बाद भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दी जानकारी, 2021 में मौसमी घटनाएं बनी काल

नई दिल्ली। भीषण मौसमी घटनाओं के चलते साल 2021 में 1750 लोगों की मौत हुई। देश में महाराष्ट्र ऐसी घटनाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा जहां 350 लोगों की इस कारण से जान गई। महाराष्ट्र के बाद ओडिशा और मध्यप्रदेश इन घटनाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। यह जानकारी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को दी। आईएमडी की ओर से जारी वार्षिक जलवायु बयान के अनुसार देश में पिछले सात तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं में 787 लोगों की मौत हुई। वहीं, 759 लोगों की जान भारी बारिश और बाढ़ से संबंधित घटनाओं में गई। चक्रवाती तूफानों ने 172 लोगों की जान ली जबकि 32 अन्य लोगों की मौत अन्य चरम मौसमी घटनाओं के चलते हुई।

बारिश और बाढ़ ने ली 215 लोगों की जान

महाराष्ट्र में भारी बारिश व बाढ़ के चलते 215, उत्तराखंड में 143, हिमाचल प्रदेश में 55, केरल में 53 और आंध्र प्रदेश में 46 लोगों की मौत हुई। तूफान और आकाशीय बिजली के चलते ओडिशा में 213, मध्यप्रदेश में 156, बिहार में 89, महाराष्ट्र में 76, पश्चिम बंगाल में 58, झारखंड में 54, उत्तर प्रदेश में 49 व राजस्थान में 48 लोगों की जान गई।

रिपोर्ट के अनुसार ओडिशा में चरम मौसमी घटनाओं के चलते 223, मध्यप्रदेश में 191, उत्तराखंड में 147, बिहार में 102, उत्तर प्रदेश में 98, गुजरात में 92 और पश्चिम बंगाल में 86 लोगों की मौत हुई। केरल में 67, राजस्थान में 62, हिमाचल में 59, झारखंड में 57, आंध्र प्रदेश में 50, कर्नाटक में 45 और तमिलनाडु में 34 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में 32, तेलंगाना में 25 और असम में 14 लोगों की मौत हुई है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में चरम मौसमी घटनाओं की वजह से सात लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से सात लोगों की मौत भारी बारिश और बाढ़ की वजह से हुई है।