//

बगराम जेल से रिहा 14 केरल के आतंकी बने ISIS-K के आत्मघाती

Start

काबुल। काबुल एयरपोर्ट पर हुए धमाके के बाद भारत की मुश्किलें भी बढ़ सकती है। अफगानिस्तान में कब्जा जमाने के बाद तालिबान ने बगराम जेल से केरल के रहने वाले 14 लोगों को रिहा किया है। ये सभी आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्रांत (ISKP) में शामिल हो गए हैं। ये सभी आतंकी अब अफगानिस्तान को दहलाने की साजिश में लग गए हैं।

हक्कानी गुट का मिला समर्थन

इन आतंकियों के द्वारा 6 अगस्त को काबुल में तुर्कमेनिस्तान दूतावास के बाहर एक आईईडी डिवाइस को विस्फोट करने की कोशिश भी की गई थी, जिसे नाकाम कर दिया गया था और इसमें दो को पाकिस्तानियों के पकड़े जाने की अपुष्ट रिपोर्टें भी मिल रही हैं। इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान अफगानिस्तान में तालिबान को चुनौती दे रहा है और नंगरहार प्रांत में काफी सक्रिय है। इसको पाकिस्तान के हक्कानी नेटवर्क का समर्थन मिला हुआ है। यह आतंकी संगठन इससे पहले हक्कानी नेटवर्क के साथ काम कर चुका है। काबुल धमाके की जवाबदारी इसी संगठन ने ली है।

IS में शामिल होने के लिए गए थे भारत से

सूत्रों का यह भी कहना है कि इन 14 में से एक केरलवासी ने अपने घर से संपर्क किया है, जबकि बाकी 13 फिलहाल काबुल में इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्रांत यानी ISKP आतंकवादी समूह के साथ फरार हैं। गौरतलब है 2014 में इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया और लेवंत के मोसुल पर कब्जा जमाने के बाद लप्पुरम, कासरगोड और कन्नूर जिलों के रहने वाले कुछ युवा इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के लिए भारत से चले गए थे। इनमें से कुछ आतंकियों के परिवार ISKP के तहत बसने के लिए अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में आ गए।

इन आतंकियों को लेकर भारत की चिंता यह है कि ISKP इन आतंकियों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर सकता है और केरल के युवाओं को इनके जरिए भड़का सकता है।