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म्यांमार में तख्तापलट, सेना ने आंग सान सू की और राष्ट्रपति को लिया हिरासत में, जाने ताजा हालात

Policemen wearing protective face mask stand guard behind a road barricade, as a part of security preparations ahead of next week's opening of Myanmar's parliament in Naypyitaw, Myanmar, Friday, Jan. 29, 2021. Myanmar's election commission rejected allegations by the military that fraud played a significant role in determining the outcome of November's elections, which delivered a landslide victory to Aung San Suu Kyi's ruling party.(AP Photo/Aung Shine Oo)

म्यांमार। लंबे समय तक सैनिक तानाशाही के दौर से गुजरने के बाद मुश्किल से म्यांमार में लोकतंत्र का आगाज हुआ था, लेकिन एक बार फिर वहां सैन्य शासन ने दस्तक दी है। देश में 10 साल पहले लोकतंत्र की बहाली हुई थी और आंग सान सू ने इसके लिए लंबा संघर्ष किया था।

म्यांमार में तख्तापलट की आशंका

10 साल पहले लोकतंत्र अपनाने वाले म्यांमार में दोबारा सैन्य शासन ने दस्तक दी है। सेना ने सोमवार सुबह देश की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की, प्रेसिडेंट यू विन मिंट के साथ कई सीनियर नेताओं और अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है।देश में शासन कर रही पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी के प्रवक्ता म्यो न्यूंट ने न्यूज एजेंसी शिन्हुआ से इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मुझे जानकारी मिली है कि स्टेट काउंसलर और प्रेसिडेंट को सेना ने हिरासत में ले लिया है। जहां तक मुझे जानकारी प्राप्त हुई है, शान प्रांत के प्लानिंग और फाइनेंस मिनिस्टर यू सो न्युंट ल्विन, काया प्रांत के एनएलडी चेयरमैन थंग टे और अय्यरवाडी रीजन पार्लियामेंट के कुछ एनएलडी प्रतिनिधियों को हिरासत में लिया गया है।

प्रमुख नेताओं और अधिकारियों को लिया हिरासत में

प्रवक्ता म्यो न्यूंट ने यह भी कहा कि पार्टी की सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमेटी के दो सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया हैं। हमारे सदस्यों ने बताया है कि मुझे भी हिरासत में लिए जाने की तैयारी की जा रही है और मुझे जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। सेना की इस कार्रवाई से देश में तख्तापलट के संकेत मिल रहे हैं। म्यांमार में 2011 तक सैन्य शासन रहा है। आंग सान सू की ने सालों देश में लोकतंत्र के लिए लड़ाई लड़ी। इस दौरान उन्हें लंबे वक्त तक घर में नजरबंद रखा गया था।

टेलीफोन और इंटरनेट सेवाएं हुई निलंबित

जानकारी के अनुसार देश की राजधानी नेपाईतॉ में टेलीफोन और इंटरनेट सर्विस निलंबित कर दी गई हैं। हाल में चुने गए संसद के निचले सदन के सत्र को सोमवार को बुलाया गया था, लेकिन सेना ने इसको टालने का ऐलान कर दिया। म्यांमार में 8 नवंबर को चुनाव हुए थे। सैन्य शासन की समाप्ति के बाद देश में दूसरी बार ये चुनाव हुए थे। म्यांमार की सेना ने इसमें धोखाधड़ी का आरोप लगाया था।