प्रदेश के महाविद्यालय में 25 मई से प्रवेश प्रारंभ होंगे शुरू - शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव - Mradubhashi - MP News, MP News in Hindi, Top News, Latest News, Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest News in Hindi
//

प्रदेश के महाविद्यालय में 25 मई से प्रवेश प्रारंभ होंगे शुरू – शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव

प्रदेश के महाविद्यालय में 25 मई से प्रवेश प्रारंभ होंगे शुरू - शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव

भोपाल । उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा से संबंधित सभी 1304 से अधिक शासकीय और निजी महाविद्यालयों में वर्ष 2023-24 अकादमिक सत्र के लिए 25 मई से प्रवेश प्रारंभ होंगे। प्रवेश प्रक्रिया में एक मुख्य चरण और तीन सीएलसी राउंड होंगे। यह प्रवेश प्रक्रिया epravesh.mponline.gov.in के माध्यम से पूर्णतः ऑनलाइन होगी। अपने दस्तावेज के सत्यापन के लिए विद्यार्थियों को महाविद्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। इस वर्ष स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए भी ई-सत्यापन प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। अधिभार का लाभ लेने वाले आवेदकों का भी आनलाइन सत्यापन किया जाएगा।

एक मुख्य चरण, तीन सीएलसी राउंड होंगे, मेरिट के आधार पर मिलेगा प्रवेश

आज पत्रकारों से चर्चा में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ यादव ने बताया कि ई-प्रवेश हेतु मार्गदर्शिका जारी की जा रही है। प्रवेश प्रक्रिया अधिक स्टूडेंट फ्रेंडली बनाने के लिए एवं प्रवेश प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए 1200 प्राध्यापकों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों को प्रशासन अकादमी के माध्यम से ऑफलाइन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षित प्राध्यापक मास्टर ट्रेनर के रूप में कॉलेज के अन्य स्टाफ को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। साथ ही अशासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापकों तथा एमपी ऑनलाइन के कीओस्क संचालकों के साथ भी प्रवेश को लेकर महाविद्यालय स्तर पर चर्चा कर उन्हें प्रवेश सम्बन्धी जानकारी प्रदान की गई है।

महाविद्यालय के हेल्प सेंटर से सुधार कर सकेंगे

डॉ यादव ने बताया कि कोविड-19 मप्र में महाविद्यालयों के लिए प्रवेश प्रक्रिया को ऑनलाइन संचालित किया गया था। इस वर्ष इस प्रक्रिया को और अधिक सरल और विद्यार्थी- हितैषी बनाने के प्रयास किए गए हैं। इस वर्ष विद्यार्थी त्रुटि होने पर ऑनलाइन शुल्क जमा करने के पूर्व महाविद्यालय के हेल्प सेंटर से सुधार कर सकेंगे और पुनः विकल्प का चयन कर सत्यापन की प्रक्रिया कर सकेंगे। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान प्रवेश निरस्तीकरण पर प्रवेश शुल्क राशि खाते में वापस ट्रांसफर की जाएगी। प्रदेश के समस्त महाविद्यालयों में नवीन विद्यार्थियों के स्वागत के लिए प्रवेश उत्सव आयोजित किये जाएंगे। इन विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शी व्याख्यान भी आयोजित होंगे।

विद्यार्थियों का डाटा सीधे पोर्टल पर प्राप्त होगा।

डॉ यादव ने बताया कि इस वर्ष से पीजी की 2.13 लाख सीटों पर प्रवेश हेतु ऑनलाइन ई-सत्यापन प्रक्रिया प्रारम्भ होगी। नामांकन के आधार पर प्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालयों से संबंधित विद्यार्थियों का डाटा सीधे पोर्टल पर प्राप्त होगा। इस प्रक्रिया में दस्तावेजों का सत्यापन आसान होगा। प्रदेश के बाहर या अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी, जिनका डाटा एमपीऑनलाइन पर डाटा उपलब्ध नहीं है, सिर्फ वे ही अपने दस्तावेज अपलोड करेंगे। विद्यार्थी पंजीयन करते समय माध्यमिक स्तर पर प्रदान की गई स्कॉलरशिप का आईडी भी दर्ज करेंगे। एक विद्यार्थी अधिकतम 15 महाविद्यालय के लिए चॉइस फिलिंग कर सकेंगे। छात्राओं को पंजीयन शुल्क से छूट रहेंगी।

लाडली लक्ष्मी को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि, शिक्षण शुल्क में छूट

उन्होंने बताया कि इस वर्ष लाडली लक्ष्मी बालिकाओं को सात में प्रवेश लेने पर दो समान किस्तों में 25 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। का क्षण शुल्क भी उम्र शिक्षा विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2006 में लाडली लक्ष्मी योजना प्रारंभ की गई।

स्नातक तृतीय वर्ष पुस्तकें शीघ्र उपलब्ध होंगी

डॉ यादव ने बताया कि आने वाले अकादमिक सत्र में स्नातक तृतीय वर्ष के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार परिवर्तित पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है। महाविद्यालय प्रारंभ होने के साथ विद्यार्थियों को नवीन पाठ्यक्रम की पुस्तकें उपलब्ध होगी। मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी द्वारा स्नातक तृतीय वर्ष के 18 मुख्य विषयों के लिए 126 लेखकों का चयन किया जा चुका है और पुस्तक निर्माण का कार्य दो तिहाई लगभग पूरा हो गया है। हिंदी ग्रंथ अकादमी द्वारा इसकी समीक्षा की जा रही है। इसके अतिरिक्त स्नातक प्रथम वर्ष के 27 विषयों एवं खातक द्वितीय वर्ष के 23 विषयों की पुस्तकें विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई गई। विश्वविद्यालय में पुस्तक बिक्री हेतु केंद्र भी खोले गए हैं। इसके अतिरिक्त 40 प्रमुख विषयों के 1800 से अधिक ऑडियो-वीडियो लेक्चर एलएमएस पर ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने ऑडियो-वीडियो लेक्चर निर्माण हेतु विभिन्न चरणों में 4300 प्राध्यापकों को प्रशिक्षण प्रदान किया है।

निजी विश्वविद्यालय भी शेयर करेंगे प्रवेश का डाटा

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस वर्ष से प्रवेश के लगभग 45 निजी विश्वविद्यालय भी प्रवेश के पश्चात् मप्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा बनाये गए पोर्टल mppurc.mponline.gov.in पर विद्यार्थियों की जानकारी शेयर करेंगे। आयोग द्वारा पोर्टल लांच किया जा चुका है और वर्तमान में सभी विश्वविद्यालय प्रोफाइल तैयार कर रहे है। प्रोफाइल में विश्वविद्यालय से सम्बंधित आवश्यक जानकारी, प्लेसमेंट, कोर्सेस, सीट्स आदि का विवरण रहेगा। इस पोर्टल के माध्यम से स्कालरशिप के लिए भी डाटा आटोमेटिक संबंधित विभाग को उपलब्ध हो जाएगा।