कोरोना का असर गधे के मेले पर भी,नहीं आये अच्छी नस्ल के गधे   

उज्जैन। कोरोना ने दुनियाभर के इंसानों की तो लूटिया डुबोई ही है,बिचारे गधे भी कोरोना के लपेटे में आ गए हैं। कोरोना काल में हुई खुराक की कमी को देखकर गधे भी कोरोना फैलाने वाले इंसानों को गधा ही समझ रहे होंगे। अब आप सोच रहे होंगे की हम बार बार गधे शब्द का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं तो भय आपका ये सोचना भी बिलकुल जायज़ है।

उज्जैन में हर साल गधों का मेला लगता है जहां अच्छी नस्ल के महंगे गधो से लेकर मास्क ना पहनने वाले इंसानी गधो जैसे निम्न स्तर के गधे भी मौजूद होते हैं। लेकिन इस बार कोरोना का असर इस मेले पर भी दिखाई दे रहा है। मेले में आने वाले अच्छी नस्ल के गधे इस बार नजर नहीं आ रहे हैं जिसके कारण घरों गधों के खरीददार खाली हाथ लौट रहे हैं। आपको बता दें कि मेले में इस बार 2000 से लेकर 20  हजार की कीमत तक के गधे आए हैं।
हालांकि गधा व्यापारियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण उनके काम पर काफी असर हुआ है। व्यापारी बताते हैं की जानवर को खिलाने तक के रुपए नहीं निकल पा रहे हैं